आई सुनामी बह गए सब
(r/1922)
आई सुनामी बह गए सब
न बचा विरोधी कोई अब
दावे बड़े-बड़े थे सब् के
विरोध किया भी सब ने बढ़ के
जनता को वे समझ न पाए
गाली देते नजर भीआये
सुधरेंगेअब बोलो कब
न बचा विरोधी कोई अब------1
पाकिस्तान का तोड़ा गरुर
मोदी के हम कायल जरूर
नीति,योजना ,कार्य है उनका
जीता उसने दिल को सबका
देश नहीं झुकने दूंगा
सारे मोहित सुना ये जब
न बचा विरोधी कोई अब ----2
सोया था यह देश हमारा
जिसने सोचा वैसे मारा
लहूलुहान अपना इतिहास
पढ़ते होता इसका आभास
देश तोड़ने के मंसूबे थे
दिल भी रोता जब सुनते थे
सपने सबके चकनाचूर
लाई सुनामी पानी खूब
न बचा विरोधी कोई अब------3
जीत का जश्न कितना भारी
आश्चर्यचकितआँखे थी हमारी
रिश्ते नाते टूट गए
अपने पराए दूर हुए
अब तो मान भी देना जरूरी
बीते दिन कमजोर थे तब
न बचा विरोधी कोई अब----4
ये पब्लिक है सब जानती है
अच्छा बुरा यह पहचानतीहै
जी चाहे चिल्ला लो
कुछ भी बात बना लो
सत्य समझती काम चाहती
उलझनसेदूरहीरहती
समझ में आना है मुशिकल
आगे क्या होगा अब मेरे रब
न बचा विरोधी कोई अब----5
वादेअब तो हम को निभाना
छोड़ के सारे अपने बहाना
जनता सबकोसमझ चुकी है
बादों (Isms)को अब छोड़ चुकी है
भारत अपना देश महान
विश्वगुरु हो सबकी जुबान
विकास का पथ होसबसेआगे
लाओं खुसिंयां सबकोअब
न बचा विरोधी कोई अब----6
(राज)

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