Saturday, 1 August 2020

सदियां याद करेंगीं

सदियां याद करेंगीं
(Hindi Poem/2080/r/20)
ऋण से उऋण ना हो पाएंगे
सदियां याद करेंगीं तुमको
दिवास्वप्न जो सदियों का
सौगात मिली है अब हमको
समय ने ऐसी करवट ली
बदल गया है देश हमारा
वही देश है वही लोग है
देश बन गया
फिर से न्यारा--1
राम नाम है प्यार का
सदियों की है अपनी विरासत
गर्व करें दिन रात हम
अपनी सभ्यता अपनी संस्कृत
लाखों अपने खून बहाएं
किया उन्होंने हमें सुरक्षित
ये पृतीक हमारी एकता
इसको करना है रक्षित
ये तेरा मेरा कब से आया
ये तो प्यारा देश हमारा
कितने आतंकी आये
खून खराबा किया था सबने
किसी ने अपनी इज्जत लूटी
किसी ने तोड़े थे सपने
संघर्ष,आज भी जारी है
गद्दारों से लड़ना होगा
प्यार का पहन लवादा है
सजग सतर्क रहना होगा
प्यार का पल ये अनुपम
बदल दिया है सारा नजारा
समय ने ऐसी करवट ली
बदल गया है देश हमारा
वही देश है वही लोग है
देश बन गया
फिर से न्यारा---2
जनता की इच्छा थी प्रबल
कैसे देती वो सम्बल,
वादे सबके सुने थे हमने
फिर वो कैसे गए फिसल
जात पात में बांट दिया
अपनों पर ही जडा तमाचा
समझ सके ना जनता का रुख
प्रवचन भी झूठों ने वांचा
नेता प्यारा खोजा सबने
बदल दिया है देश हमारा
जिसने किया है यह संभव
भाव. विहोर है सबका मन
अपनी खुशियों को छोड़ा
नहीं कमाया कोई धन
प्यार दिया लोगों ने इतना
सदियां याद करेंगीं तुमको
पावन पवित्र काम तुम्हारा
दिली धन्यवाद देते हैं तुम को,
त्याग तेरा कुर्बानी है
बदल दिया इतिहास हमारा
समय ने ऐसी करवट ली
बदल गया है देश हमारा
वही देश है वही लोग है
देश बन गया
फिर से न्यारा---3
Raj---

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